Balathari Ansari Brother
जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो झूठ का साथी नहीं सच का सवाल बनो यूँ तो जलती है माचिस कि तीलियाँ भी बात तो तब है जब धहकती मशाल बनो रोक लो तूफानों को यूँ बांहो में भींचकर जला दो गम का लम्हा दिलों से खींचकर कदम दर कदम और भी ऊँची उड़ान भरो जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो झूठ का साथी नहीं सच का सवाल बनोl यूँ तो अक्सर बातें तुझ पर बनती रहेंगी तोहमते तो फूल बनकर बरसा ही करेंगी एक एक तंज पिरोकर जीत का हार करो जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो झूठ का साथी नहीं सच का सवाल बनो l रात कितनी भी काली हो ढल ही जाएगी उमीदों की किरणे नभ पर सूरज उगायेगी रौशनी से जीवन पथ को चमकदार करो जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो झूठ का साथी नहीं सच का सवाल बनो | Balathari Ansari Brother